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हनीट्रैप से रचा गया अपहरण कांड: दुर्ग पुलिस ने चंद घंटों में किया खुलासा, भांजा निकला मास्टरमाइंड

📍 अपराध |📍 रायपुर | apr/13/2026| ✍️ Prashant Kumar Narware
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Durg Police busted a shocking honeytrap-based kidnapping conspiracy within hours, arresting five accused including the victim's nephew mastermind and safely rescuing the minor boy.

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां हनीट्रैप के जरिए एक मासूम बच्चे के अपहरण की साजिश रची गई। लेकिन दुर्ग पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई ने महज कुछ घंटों में पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का ही भांजा निकला।

घटना 12 अप्रैल 2026 की है, जब प्रार्थी ने थाना अमलेश्वर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके नाबालिग पुत्र को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक बुलाया गया और वहां से अज्ञात आरोपियों द्वारा उसका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर धमकियां देना शुरू कर दिया, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अमलेश्वर थाना पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू टीम की संयुक्त टीम तुरंत सक्रिय हुई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल के आधार पर जांच तेज की गई। जल्द ही आरोपियों की लोकेशन धमतरी जिले में ट्रेस की गई, जिसके बाद धमतरी पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त दबिश दी गई।

पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। मुख्य आरोपी संजय साहू, जो पीड़ित परिवार का परिचित और भांजा है, ने हेम पुष्पा साहू के माध्यम से हनीट्रैप की साजिश रची थी। इस योजना के तहत बच्चे को झांसे में लेकर अपहरण किया गया, ताकि फिरौती के जरिए आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सके।

पुलिस ने इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है — शैलेन्द्र लहरे, कृष्णा साहू उर्फ करण, रविंद्र लहरें, संजय साहू और हेम पुष्पा साहू। आरोपियों के कब्जे से एक सेंट्रो कार और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 140(3), 351(3) और 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

दुर्ग पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की जा रही है, जिसने न केवल एक बड़े अपराध को रोका बल्कि एक मासूम की जिंदगी भी सुरक्षित बचाई। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और अज्ञात लोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।





FAQs

Q: हनीट्रैप अपहरण मामला क्या है?
Ans: हनीट्रैप के जरिए बच्चे को झांसे में लेकर अपहरण कर फिरौती मांगने की साजिश थी

Q: मामले का मास्टरमाइंड कौन निकला?
Ans: पीड़ित परिवार का ही भांजा संजय साहू मास्टरमाइंड निकला

Q: कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
Ans: इस मामले में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया

Q: बालक की स्थिति क्या है?
Ans: पुलिस ने बालक को सकुशल बरामद कर लिया

Q: कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
Ans: BNS की धारा 137(2), 140(3), 351(3) और 61 के तहत कार्रवाई हुई

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