रायपुर में 10.26 लाख की लूट का खुलासा, 72 घंटे के इंटरस्टेट ऑपरेशन में मास्टरमाइंड गिरफ्तार

रायपुर में 10.26 लाख रुपये की लूट का खुलासा, 72 घंटे के इंटरस्टेट ऑपरेशन में मास्टरमाइंड समेत 2 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने डंगनिया बाजार क्षेत्र में हुई 10 लाख 26 हजार 500 रुपये की सनसनीखेज लूट की वारदात का मात्र 72 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड गौरव तिवारी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 लाख रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन भी बरामद किया गया है।
घटना 6 जून 2026 की है, जब बालाजी रोलिंग मिल से उधारी की राशि लेकर कंपनी के सुपरवाइजर श्रवण साहू डंगनिया बाजार पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे जैसे ही वे अपनी कार से नगदी से भरा बैग निकाल रहे थे, तीन अज्ञात बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर बैग लूट लिया और मौके से फरार हो गए। बैग में 10.26 लाख रुपये नकद के अलावा बैंक चेकबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी रखे हुए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले, पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त संदीप पटेल की निगरानी में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना डीडी नगर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों की पहचान की।
जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गौरव तिवारी पहले बालाजी कंपनी में भुगतान संबंधी कार्यों के लिए आता-जाता था। इसी दौरान उसे यह जानकारी मिली कि कंपनी के कार्यालय से निकलने वाले व्यक्तियों के पास अक्सर लाखों रुपये की नगदी रहती है। इसके बाद उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर करीब डेढ़ माह पहले लूट की योजना बनाई और लगातार कार्यालय के आसपास रेकी शुरू कर दी।
आरोपियों ने कई दिनों तक कार्यालय से निकलने वाले लोगों पर नजर रखी और उनके आवागमन का अध्ययन किया। घटना वाले दिन जैसे ही सुपरवाइजर नगदी से भरा बैग लेकर कार्यालय से निकले, आरोपियों ने दो अलग-अलग दोपहिया वाहनों से उनका पीछा किया। डंगनिया बाजार पहुंचने पर पूर्व नियोजित योजना के तहत आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया और बैग लेकर फरार हो गए।
पुलिस की टीमों ने रायपुर के साथ-साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में लगातार दबिश देकर आरोपियों का पीछा किया। मुख्य आरोपी गौरव तिवारी की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के भदोही से आशीष पाण्डेय उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 7 लाख रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त एक्टिवा वाहन क्रमांक CG 04 MH 5734 जब्त किया है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार गौरव तिवारी एमबीए की पढ़ाई कर चुका है और पूर्व में क्रिकेट सट्टा प्रकरण में जेल जा चुका है। वहीं दूसरा आरोपी आशीष पाण्डेय परिवहन व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। मामले में शामिल तीन अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
FAQs
Ans: 6 जून 2026 को डंगनिया बाजार क्षेत्र में।
Ans: 10 लाख 26 हजार 500 रुपये।
Ans: गौरव तिवारी को मामले का मास्टरमाइंड बताया गया है।
Ans: अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
Ans: 7 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
Ans: हां, एक्टिवा वाहन क्रमांक CG 04 MH 5734 जब्त किया गया है।
Ans: हां, तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
